देखे एक एक हजर , पाखी रखे नज़र बारहा , देखू मै बारजा से , मिले तुम्हे मेरा अक्स यहाँ …

ये आँगन खुद​ मे मग्न कर देता है

कहते हैं उम्र गुजर जाती है जिंदगी का मकसद ढूंढने में, हम जिंदगी में हर वह फ़लसफ़ा हासिल करते हैं जो उसे आसान बना सके, जो उसे मुकम्मल कर सके पर फिर भी कसक कहीं ना कहीं रह ही जाती है। सबकुछ मुताबिक होने के बावजूद कुछ कमी सी लगती है,और एहसास होता है कि जिसे जिंदगी का मकसद समझा था वह जिंदगी का मरकज़ नहीं। ऐसा ही कुछ मेरे साथ भी हुआ…  कुछ एक ऐसा पाने के लिए जो मेरे पास नहीं है मैं उसे खोने लगा था जो मेरी ही भीतर है। पर कहते है ना विधि के आगे किसी की नही चलती। मेरी मुलाकात इज़्ना से हुई जो मेरी ही अंदर कहीं डरी हुई सी,सिमटी सी मेरी हकीकत लिए बैठी थी। उसने मुझे मतलब दिया, एक इत्तेफ़ाकी दी, एक आतिश दी।इज़्ना से प्रांजल प्रांजल से प्रतिभा और प्रतिभा से ख्याति,कितना आसान था मरकज़ समझना, पर अभी तो ये  महज़ शुरुआत है।

 कुछ भी ऐसा तो जिंदगी में कभी मुमकिन नहीं है उसे मैं मन में भरपूर जी  कर लिखता हूं, कुछ ऐसा जो हो चुका है उसे मन में रख कर लिखता हूं और कुछ ऐसा जो वैसा नहीं हुआ जैसा मुझे था पसंद, उसे मन अनुरूप बना कर लिखता हूं, जो मैंने महसूस किया है उसे मैं लिखता हूं और जो महसूस करना चाहता हूं उसे भी मैं लिखता हूं।

अजहद बाते सुन कर यहां आया हूं, ये सिर्फ एक पन्ना नही है,ये सिर्फ कुछ अक्षर नही है, और ये सिर्फ एक ब्लॉग नही हैं… ये मेरा हाल ए मन हैं ये मेरे लिए एक जश्न हैं, आज़ादी हैं खुद को सामने रखने की,एक ज़रिया है मुदित होने का। ये एक दहलीज़ हैं… यहाँ रह कर आप इस मुदित को देख सकते है,एक ऐसे मुंतज़िर से मिल सकते है जो शायद आपका मन भी मुदित कर दे…


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कुछ अनकहा सा


Nazm

Ye mera aaina hai

Kahani

Meri aur kahi na kahi kisi aur ki bhi


Letter

With ink of separation on paper of love.

Ye jharoka kuch din baad khulega


Todhe aur karib

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It’s me

North makes me spiritual, East make me traveller,South make genuine & west makes me romantic.


इनायत मैं क्या तुम पर कर सकता हूं

बेवजह तुम्हे कब तक रोक सकता हूं

पर जब भी तुम्हे अपना आँगन महफ़ूज़ ना लगे…

बेहिसाब वक़्त के लिए तुम्हे अपने आँगन में रख सकता हूं।